Posted on 05-Oct-2020

SuVi Eye Hospital & Lasik Laser Center, KOTA, RAJ., INDIA

1980 के दशक में चश्में के माइनस नंबर हटाने हेतु रेडियल किरेटोटोमी (आर के) नामक नेत्र ऑपरेशन बहुत लोकप्रिय था। रेडियल किरेटोटोमी सर्जरी में आंख की पारदर्शी पुतली (कॉर्निया) में आठ से 16 चीरे लगाए जाते थे। अब आर के नामक इस ऑपरेशन का स्थान अब लेसिक लेजर रिफ्रैक्टिव सर्जरी ने ले लिया है। रेडियल किरेटोटोमी करवा चुके बहुत सारे रोगी अब मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाने हेतु आ रहें हैं। इन रोगियों में कृत्रिम लेंस का सटीक नंबर निकाल पाना एक चुनौती पूर्ण कार्य होता है। सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा में रेडियल किरेटोटोमी (आर के) ऑपरेशन करवा चुके रोगी का सफलता पूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया एवं पेन ऑप्टिक्स ट्राईफोकल टोरिक लेंस का सफल प्रत्यारोपण डॉ सुरेश पाण्डेय द्वारा किया गया। ऑपरेशन के बाद रोशनी में आशातीत सुधार हुआ है।
डिटेल्ड जानकारी के लिए लिंक क्लिक करें।
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=3483217305058289&id=100001101614530
Get quote
Message sent. We'll get back to you soon.